औषधीय पौध रूद्रवंती का निदेशालय उद्यान की समिति द्वारा सर्वेक्षण

आज दिनांक 16.11.2019 को जनपद फतेहपर के तहसील खागा विकास खण्ड एराया स्थत ग्राम मझिलगांव में रूद्रवंती औषधीय पौधों के सर्वेक्षण हेत गठित समिति कमशः डा0 विजय बहार सयुक्त निदशक (शाकभाजी) निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उ0प्र0 लखनऊ. डा0 फतहपुर एवं वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र थरियांव द्वारा संयुक्त रूप से सर्वेक्षण किया डल प्रयागराज, श्री आर0एस0यादव जिला उद्यान अधिकारी मन्दिर के महंत श्री गोपालदास एवं अन्य ग्राम वासियों से वार्ता की गयी। महत जा रियाव द्वारा संयुक्त रूप से सर्वेक्षण किया गया। मझिलगांव पूर्वी दिशा में झील वाले क्षेत्र में लगभग 15 हे क्षेत्रफल में रूद्रवंती स्वतः उत्पन्न होता गासया से वार्ता की गयी। महंत जी ने बताया कि गाँव के श्री गुरू प्रसाद तिवारी एवं ग्राम वासियों द्वारा बताया गया कि बहुत पहल यह प्रांगण के आस-पास पायी जाती थी, किन्तु समय के साथ यह पूर्व दिशा का अ या द्वारा बताया गया कि बहत पहले यह रूद्रवंती मन्दिर , किन्तु समय के साथ यह पूर्व दिशा की ओर बढ़ती जा रही है। ग्राम वासियों का कहना है कि मन्दिर में यज्ञ के पश्चात भस्म जहाँ गिरी थी वहीं पर इसका उपय" सर्वेक्षण के दौरान पाया गया कि यह औषधीय पौधा दिखने में चन पाया गया कि यह औषधीय पौधा दिखने में चने के पौधे की तरह ही होता है। इसमें सफेद रंग के फूल आते है स्वाद में इसकी पत्तियां नमकीन होती हैह स्वाद में इसकी पत्तियां नमकीन होती है। इसके औषधीय महत्व को बताते हए महंत श्री गोपाल दास द्वारा बताया गया कि रूद्रवंती शारीरिक कमजारा का पूरा गया कि रूद्रवंती शारीरिक कमजोरी को दूर करने, क्षय रोग म. नपुसकता दूर करने में, तथा शरीर को शीतलता प्रदान करती है। ग्रामवासिया खासा आदि आने पर शहद के साथ रूद्रवंती के चर्ण का सेवन करने से श्वास एवं गले की खरास में लाभ मिलता है। श्री नीरज पासवान ने बताया कि भूख आदि न लगन, आदि पेट से सम्बन्धि रोगों में भी रूद्रवंती के चर्ण का सेवन करने से लाभ होता है। अन्य ग्रामवासा कृषकों श्री पन्ना लाल, श्री वीरेन्द्र प्रताप, श्री लखन पासी. श्री कमलेश गौतम, श्री महेन्द्र यादव एवं श्री लाला यादव आदि ने बताया कि रूद्रवंती के औषधीय लाभ के कारण कर्नाटक, महाराष्ट्र.उड़ासा, दिला हरियाण, मध्य प्रदेश एवं झारखण्ड आदि प्रदेशों के लोग गर्मी के मौसम में औषधि लेने हेतु गाँव आत हा केन्द्रीय औषधि एवं सगन्ध पौध संस्थान (सीमैप) लखनऊ द्वारा रूद्रवंती पौध पर शोध, प्रचार-प्रसार तथा आय अर्जन के क्षेत्र में और अधिक बल दिये जाने की आवश्यकता है। संयुक्त निदेशक शाकभाजी/नोडल अधिकारी निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उ0प्र0 लखनऊ द्वारा मंडल के उद्यान अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी फतेहपुर में की गयी।