जलधारा मोड़ने के प्रकरण किशनपुर (फतेहपुर)। खागा तहसील के मझगवां मौरंग खंड के चालू होने से पहले संचालकों पर बांध बनाकर जलधारा मोड़ने का आरोप लगा। मामला तूल पकड़ने पर शुक्रवार सुबह खनन विभाग और राजस्व की संयुक्त टीम जांच के लिए पहुंची। जलधारा मोड़ने की शिकायत तथ्यहीन पाई गई। टीम ने जांच में बांध होने की बात नकार दिया। उस जगह को खनन पट्टा क्षेत्र का रास्ता बताया। बता दें कि यह मौरंग खदान अभी चालू नहीं मझगंवा खदान में नदी के बीच मौरंग जमा कर जलधारा मोड़ने की सूचना पर शुक्रवार दोपहर खनन अधिकारी मिथिलेश पांडेय, एसडीएम विजय शंकर तिवारी, प्रयागराज से सर्वेयर अभय सिंह यादव व राजस्व कर्मियों की टीम पहुंची। ग्रामीण भी टीम को देखकर पहुंच गए। नदी की धारा मोड़ने की शिकायत के बारे में ग्रामीणों के बयान लिए गए। गांव के शिवदत्त, दीनबंधु, छोटकू, नरेश समेत कई लोगों से जलधारा मोड़ने के प्रकरण में पूछताछ की गई। स्थलीय जांच को पहुंची टीम ने पाया कि मौरंग खनन क्षेत्र के गड्ढों को पुराई को गई है। खदान में किनारे का रास्ता बनाया गया है। कुछ हिस्से में जलभराव है। उसके अलावा अधिकांश क्षेत्र में खनन क्षेत्र का हिस्सा है। उसके बाद यमुना नदी की जलधारा है। खनन अधिकारी मिथिलेश पांडेय ने बताया कि खनन क्षेत्र में छह सौ मीटर की चौड़ाई है। उसी क्षेत्र में रास्ते बनाए जा रहे हैं। बांध बनाने जैसा मामला सामने नहीं मिला है। फिलहाल शिकायत झूठी निकली है। रातोंरात बांध तोड़ने की चर्चा दुसरी ओर यह भी चर्चा रही कि मौरंग खदान के बीच यमुना नदी में बांध बनाए जाने की शिकायत की भनक पहले ही संचालकों को लग गई थी। रातोंरात पोकलैंड मशीन से यमुना की जल धारा रोकने के लिए बनाए बांध को तोड़ डाला गया। प्रशासन मौके पर दोपहर को पहुंचा। प्रशासन के सामने बांध वाली वायरल फोटो का नजारा अधिकारियों को नहीं दिख सका। हालांकि टीम को इसके बारे में कोई भी ठोस तथ्य उपलब्ध नहीं करा सका। जांच में जलधारा मोड़ने की शिकायत झूठी निकली