कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता बरतते हुए हवाईअड्डे पर आठ डॉक्टरों का पैनल तैनात किया गया है। सीएमओ ने मंगलवार देर शाम मौका मुआयना कर स्थिति की जानकारी दी। इस दौरान अस्पतालों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए।
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि अभी तक किसी भी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं। एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनर टीम भी स्क्रीनिंग कर रही है। किसी में बीमारी के लक्षण मिलते हैं तो उसे केजीएमयू या पीजीआई भेजा जाएगा।
क्या है चीनी वायरस
नोवल कोरोना वायरस (एनसीओवी) को लेकर डब्ल्यूएचओ ने अलर्ट कर दिया है। इससे सीवियर एक्युट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम (एसएआरएस) होता है। इसमें फेफड़े में गंभीर किस्म का संक्रमण होता है। मरीज को वेंटिलेटर पर लेना पड़ता है। चीन व हांगकांग में वर्ष 2002- 2003 में कई लोगों की जान चली गई थी। इस साल भी चीन के वुहान शहर में 62 मरीजों में यह वायरस मिला है। यह वायरस सी-फूड के साथ ऊंट, बिल्ली और चमगादड़ में भी पाया जाता है।
डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक कोरोना वायरस का असर होने पर व्यक्ति को जुकाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार आदि हो सकता है। तीन दिन बाद निमोनिया जैसे लक्षण सामने आते हैं और यह किडनी पर भी असर डालता है।
बचाव का रास्ता
केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रो. डॉ. शीतल वर्मा ने बताया सभी को चीन की यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए। यह किसी एक व्यक्ति से जुड़ा मामला नहीं है। जो लोग चीन में रह रहे हैं, उन्हें आने से पहले स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देकर जांच करानी चाहिए। एक व्यक्ति से यहां आने वाला वायरस महामारी फैला सकता है। भीड़ वाले इलाके में जाने पर नाक और मुंह पर मास्क अथवा रुमाल रखें। सी फूड कत्तई न खाएं।